गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार का स्वायत्तशासी संस्थान)

कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा-263643, भारत

 

 

 

 

 

गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा पर्यावरण और वन मंत्रालय का एक स्वायत्तशाषी संस्थान है और वर्तमान में संपूर्ण हिमलाय क्षेत्र में इसकी विकेंद्रीकृत इकाइयॉं हैं।

   

गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा की स्थापना अगस्त,1988 में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जन्म शताब्दी वर्श के दौरान पर्यावरण और वन मंत्रालय (एमओईएफ), भारत सरकार के एक स्वायत्त संस्थान के रूप में की गई है। इस संस्थान की पहचान वैज्ञानिक ज्ञान को उन्नत करने, एकीकृत प्रबंधन रणनीति तैयार करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने और संपूर्ण भारतीय हिमालय क्षेत्र (आईएचआर) में पर्यावरण की दृष्टि से ठोस विकास सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रीय एजेंसी के रूप में की गई है। अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्य करने और/अथवा इसका प्रदर्शन करने के अलावा संस्थान ने पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यावरण और विकास से जुड़े मुद्दों के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ संबंध स्थापित किया है। संस्थान को भारतीय हिमालय क्षेत्र में योजना आयोग, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय,  भारत सरकार और अनेक अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा अनुसंधान और विकास कार्यक्रमों के लिए एक केंद्रीय/नोडल एजेंसी के रूप में मान्यता प्राप्त है। संस्थान की सभी अनुसंधान और विकास गतिविधियां बहु-अनुशासनिक प्रकृति की हैं और प्राकृतिक तथा सतत विकास का संवर्धन करने के लिए प्राकृतिक और सामाजिक विज्ञानों को परस्पर संबद्ध करने के सामूहिक प्रयास पर आधारित हैं।

मुख्यालय, अल्मोड़ा

काइयां...

         
गढ़वाल (श्रीनगर) हिमाचल (मोहल-कुल्लू) सिक्किम (गंगटोक) पूर्वोत्तर (इटानगर)

पर्वतीय प्रभाग (पांचवी इकाई)