प्रस्तुत पुस्तिका ईआईएसीपी सेल, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हरित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ‘‘मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ (वन्य मधुमक्खी) - एनटीएफपी (गैर-लकड़ी वन उत्पाद)’’ नामक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पर आधारित है। ताकि मौनपालन व उसके प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को समझते हुए ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वन्य मधुमक्खियों के पालन, उनके व्यवहार, प्राकृतिक पारिस्थितिकी में उनकी भूमिका तथा गैर-लकड़ी वन उत्पादों के साथ उनके सम्बन्ध को समझाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को यह भी सिखाया जाता है कि किस प्रकार मधुमक्खी पालन को आजीविका के एक प्रभावी साधन के रूप में अपनाया जा सकता है, विशेषकर उन ग्रामीण समुदायों के लिए जो वन संसाधनों पर निर्भर हैं। पाठ्यक्रम में परागण, शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों का संग्रहण, उनका प्रसंस्करण एवं विपणन, तथा वनस्पतियों की विविधता एवं पुष्प कलेंडर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। आशा है कि यह पाठ्यक्रम न केवल पर्यावरणीय संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रेरित करेगा।