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Himachal Regional Centre

हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र (एचआरसी)



सहयोगी संस्थान

संस्थान

भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय स्टेशन, कटरीन (कुल्लू)

संस्थान

उत्तर समशीतोष्ण क्षेत्रीय स्टेशन (ICAR-CSWRI), गडसा (कुल्लू)

संस्थान

कृषि विज्ञान केंद्र (कवक), क्सखपक्व, बजौरा (कुल्लू)

संस्थान

क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण स्टेशन, डॉ. वाईएसपीयूएचएफ, बजौरा (कुल्लू)

संस्थान

लद्दाख क्षेत्रीय केंद्र, जीबीपीएनआईएचई, लेह यू.टी.

संस्थान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), नई दिल्ली

संस्थान

सीएसआईआर - हिमालय जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी), पालमपुर (हि.प्र.)

संस्थान

हिमालयी वन अनुसंधान संस्थान (एचएफआरआई), शिमला (हि.प्र.)

परिषद

हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद (हिमकोस्टे), शिमला (हि.प्र.)

समिति

हिमाचल प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड (एचपीएसबीबी), शिमला (हि.प्र.)

सरकारी विभाग

हिमाचल प्रदेश वन विभाग, हि.प्र.

सरकारी विभाग

पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीईएसटी), शिमला (हि.प्र.)

सरकारी विभाग

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), कुल्लू (हि.प्र.)

विश्वविद्यालय

डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौनी (हि.प्र.)

विश्वविद्यालय

स.स.क. हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर (हि.प्र.)

विश्वविद्यालय

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला (हि.प्र.)

विश्वविद्यालय

शूलिनी विश्वविद्यालय, सोलन (हि.प्र.)

विश्वविद्यालय

बेनेट विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (यूपी)

केंद्र के बारे में

हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले के मोहल में स्थित है। यह केंद्र उत्तर पश्चिमी हिमालय में 31 25'' उत्तरी अक्षांश और - 769' - 779' पूर्व 9 पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह केंद्र 1200 मीटर एम्सएल की ऊंचाई पर स्थित है। हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना 01 जुलाई 1992 को ढालपुर, जिला कुल्लू में एक किराए के भवन में की गई थी और जून 1993 तक जारी रहा। केन्द्र के कार्यालय एवं आवासीय परिसर की आधारशिला माननीय केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री श्री कमल नाथ ने 2 जून 1993 को कुल्लू जिले के मोहल गांव में रखी। ।

कार्यालय और आवासीय परिसर के निर्माण के दौरान, हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र का कार्य जून 1993 से मार्च 1999 तक शमशी, कुल्लू के किराये के भवन में संचालित किया गया था। वर्ष 1998 में मोहल में स्थायी भवन निर्माण के बाद 02 अप्रैल 1999 को कार्यालय एवं आवासीय परिसर का विधिवत उद्घाटन माननीय श्री सुरेश प्रभु, पर्यावरण मंत्री, पर्यावरण और वन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

गतिविधियों के फोकल क्षेत्र

-  जल संसाधन और जल विद्युत परियोजनाएं

-   स्प्रिंगशेड प्रबंधन

-   सामाजिक-आर्थिक विकास

-  पर्यावरण मूल्यांकन और प्रबंधन

-  पर्यावरण प्रदूषण और वायु गुणवत्ता निगरानी

-  स्वदेशी ज्ञान और पारंपरिक प्रथाएं

-  जैव विविधता मूल्यांकन, मूल्यांकन, प्राथमिकता और संरक्षण

-   जनसंख्या आकलन और पारिस्थितिक निचे मॉडलिंग

-  औषधीय पौधों की खेती

-  जलवायु परिवर्तन

-  पारिस्थितिकी पर्यटन और उद्यमिता विकास

-  स्वच्छ भारत अभियान (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन)

-  विभिन्न कम लागत वाली ग्रामीण प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ग्रामीण विकास

-  पारंपरिक और इन विट्रो प्रचार प्रोटोकॉल का विकास

-  मानव संसाधन विकास

-  प्रदर्शन और प्रसार

-  शोध पत्र, लोकप्रिय लेख, नीति संक्षिप्त, पुस्तक अध्याय, आदि का प्रकाशन

विजन

-   हिमालयी पर्यावरण का संरक्षण और प्रबंधन

-  स्प्रिंग इकोसिस्टम असेसमेंट एंड मैनेजमेंट के माध्यम से हिमालय में जल सुरक्षा

-  हिमालय में आजीविका में सुधार और पारिस्थितिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक संचालित इको-स्मार्ट मॉडल ग्राम विकास

-  भारतीय हिमालयी क्षेत्र में जलवायु स्मार्ट समुदायों को बढ़ावा देना

-   सतत विकास के लिए हिमालयी जैव विविधता को मुख्यधारा में लाना

-   हरित प्रौद्योगिकियों पर क्षमता निर्माण और कौशल विकास

-   प्रकृति आधार सतत आजीविका विकास

-   क्षेत्रीय प्रासंगिकता के दिशानिर्देश, कार्य योजनाएं और नीति दस्तावेज

उद्देश्य

-   जैविक के तहत ट्रांस और उत्तर पश्चिमी हिमालय में पारिस्थितिक तंत्र की जैव विविधता का भेद्यता मूल्यांकन, मानवजनित और जलवायु परिदृश्य और संरक्षण प्रबंधन के लिए विकासशील रणनीतियाँ

-   उत्तर पश्चिमी हिमालय में एक ऊंचाई वाले ढाल के साथ रासायनिक संदूषण और जलवायु परिवर्तन परिदृश्यों के तहत स्थिरता के लिए कृषि फसलों / कृषि प्रणालियों का आकलन, निगरानी और प्रबंधन

-   बदलते जलवायु परिदृश्य के तहत मूल समुदायों के सतत विकास के लिए पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन, लक्षण वर्णन और मूल्यांकन

-   जलवायु परिवर्तन परिदृश्य के तहत जल संसाधनों की निगरानी और प्रबंधन के लिए रणनीतियों का विकास

-   उद्यमिता विकास के माध्यम से बदलते जलवायु परिदृश्य में पर्यावरण-पर्यटन का आकलन और सतत प्रबंधन

-   जलवायु परिवर्तन परिदृश्य के तहत प्रबंधन रणनीतियों को विकसित करने के लिए मानवजनित और प्राकृतिक पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन, निगरानी और विश्लेषण

-   पर्यावरण प्रबंधन के लिए हितधारकों की जानकारी साझा करने और क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत तंत्र का विकास और सुदृढ़ीकरण

सुविधाएँ

शिक्षा संकाय

वैज्ञानिक एफ

वैज्ञानिक डी

वैज्ञानिक डी

वैज्ञानिक डी

वैज्ञानिक सी

शोधकर्ता

सूचना अधिकारी

सतीश कुमार सिन्हा

पद:  सूचना अधिकारी

विषय:  हिमालयी पारिस्थितिकी पर पर्यावरण सूचना प्रणाली (ENVIS)

ईमेल आईडी: ssatish65@gmail.com

जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

स्मृति ठाकुर

पद:  जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

विषय: सामाजिक-आर्थिक विकास और पर्यावरण प्रबंधन

ईमेल आईडी: smritimandhel04@gmail.com

जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

ईशा ठाकुर

पद:  जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

विषय: परिवेशी वायु गुणवत्ता

ईमेल आईडी: isha950414@gmail.com

जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

मनीषा कटोच

पद:  जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

विषय: जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन

ईमेल आईडी: manishakatoch889.mk@gmail.com

जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

रजत धीमान

पद:  जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

विषय: भूमि और जल संसाधन प्रबंधन

ईमेल आईडी: dhimanrajat27@gmail.com

जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

अंजलि मेहता

पद:  जूनियर प्रोजेक्ट फेलो

विषय: उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों के औषधीय पौधे

ईमेल आईडी: anjalimehta1905@gmail.com

फील्ड शोधकर्ता

धरम चंद

पद:  फील्ड शोधकर्ता

विषय:  स्प्रिंगशेड प्रबंधन

ईमेल आईडी: cdharam79@gmail.com

क्षेत्र अन्वेषक

खेम चंद

पद:  क्षेत्र अन्वेषक

विषय:  एरोसोल जलवायु विज्ञान

ईमेल आईडी: khemchandmanisha@gmail.com

परियोजना सहायक

सायंत घोष

पद:   परियोजना सहायक

विषय:  मौसम और जलवायु मॉडलिंग, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस, आपदा जोखिम आकलन

ईमेल आईडी: sayanta07@uohyd.ac.in;    visittosayanta@gmail.com

डेटा सहायक

हिमांशु जोशी

पद:   डेटा सहायक

विषय:  हिमालयन नॉलेज नेटवर्क - NMHS

ईमेल आईडी: himjoshi45@gmail.com

फील्ड शोधकर्ता

विनोद कुमार

पद:  फील्ड शोधकर्ता

विषय:  भारतीय मधुमक्खी एपिस सेराना का संरक्षण और प्रबंधन

ईमेल आईडी: vinod.mbbs3959@gmail.com

फील्ड सहायक

विक्रम जीत

पद:  फील्ड सहायक

विषय:  सामाजिक-आर्थिक विकास

ईमेल आईडी: Jeetvk04@rediffmail.com

सेवाएं

पुस्तकालय

एचआरसी शोधकर्ताओं, स्थानीय विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और कॉलेजों के छात्रों को पुस्तकालय की मुफ्त पहुंच प्रदान करता है

प्रयोगशाला

प्रयोगशाला पहुंच:  स्थानीय छात्रों और साझेदार संगठनों/स्थानीय हितधारकों के शोधकर्ताओं के लिए मिट्टी, पानी, पौधों के नमूनों के विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला सेवाएं प्रदान की जाती हैं

सलाहकार सेवाएं

विभिन्न पर्यावरणीय पहलुओं पर स्थानीय भागीदार संगठनों/हितधारकों को परामर्शी सेवाएं प्रदान की जाती हैं

ग्रामीण प्रौद्योगिकी परिसर

प्रदर्शन, प्रशिक्षण और शिक्षण के लिए विभिन्न संगठनों / हितधारकों को एचआरसी (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, इको-ईंट, पेपर रीसाइक्लिंग, वर्मीकम्पोस्टिंग, वर्षा जल संचयन, नर्सरी विकास, आदि) के ग्रामीण प्रौद्योगिकी केंद्र (आरटीसी) तक पहुंच प्रदान करना

कुलीन औषधीय पौधे नर्सरी और हर्बल उद्यान

एचआरसी वन विभाग, सरकार से लेकर विभिन्न प्रकार के हितधारकों, गैर सरकारी संगठन , किसान आदि को औषधीय पौधों की गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री कुलीन औषधीय पौधे नर्सरी और हर्बल गार्डन से प्रदान करता है।

पीएच.डी. मार्गदर्शन/इंटर्नशिप/निबंध/औद्योगिक प्रशिक्षण

एचआरसी के संकाय युवा शोधकर्ताओं को पीएचडी के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। काम और इंटर्नशिप / शोध प्रबंध / औद्योगिक प्रशिक्षण कार्य के लिए स्नातकोत्तर / स्नातक छात्रों को भी सलाह देते हैं

परामर्शदात्री सेवाएं

 विभिन्न पर्यावरणीय/विकासात्मक पहलुओं पर परामर्श सेवाएं प्रदान की जाती हैं

तरुवाटिका

हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र, मोहल, कुल्लू ने संस्थान परिसर में बहुत अच्छी तरह से आर्बरेटम का रखरखाव किया है। वहीं, लगभग 50 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों का एक्स-सीटू संरक्षण किया जा रहा है। वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं, छात्रों के शिक्षकों, स्थानीय समुदाय, गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों, अन्य सरकार विभाग से लेकर हितधारकों की विविध श्रेणियां आदि नियमित रूप से दौरा करते हैं और हिमालयी क्षेत्र की पुष्प जैव विविधता के बारे में अर्बोरेटम से सीखते हैं

टिश्यू कल्चर लैब

एचआरसी की टिश्यू कल्चर लैब में गुणवत्तापूर्ण औषधीय पौधों को उगाने के लिए संकटग्रस्त एवं महत्वपूर्ण पौधों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है

आनुवंशिक संसाधन केंद्र (जीआरसी)

एचआरसी के धोरानाला हर्बल गार्डन साइट पर लक्षित औषधीय पौधों की प्रजातियों के जर्मप्लाज्म संरक्षण के लिए जीआरसी की स्थापना की गई है

प्रमुख उपलब्धियां

आनुवंशिक संसाधन केंद्र की स्थापना

संस्थान के हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र में लक्षित औषधीय पौधों की प्रजातियों के जर्मप्लाज्म,पिक्रोरिजा कुरोआ, स्वेरटिया चिरायता, रूबिया कॉर्डिफोलिया और नारडोस्टैचिस ग्रैंडिफ्लोरा संरक्षण के लिए एक आनुवंशिक संसाधन केंद्र (जीआरसी) स्थापित किया गया है,

तकनीकी समर्थन

कुल्लू जिले के 5 ब्लॉकों में 140 पीबीआर तैयार करने के लिए कुल्लू जिले के जिला प्रशासन को तकनीकी सहायता प्रदान की गई। साथ ही, पीबीआर . की तैयारी के लिए भर्ती किए गए युवा प्रशिक्षुओं के लिए प्रखंड स्तर पर चार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए

मेकोनोप्सिस मर्केंसिस वर. मेराकेंसिस ने बताया

मेकोनोप्सिस मर्केंसिस वर. मरकेंसिस भारत से पहली बार रिपोर्ट किया गया है, प्रजाति तवांग, अरुणाचल प्रदेश के नगुला आर्द्रभूमि क्षेत्र के पास दर्ज की गई है.

विभिन्न एनटीएफपी और औषधीय और सुगंधित पौधों और खतरों की स्थिति का उत्पादन

हिमाचल प्रदेश वन विभाग के लिए जेआईसीए परियोजना के तहत कुल्लू और लाहौल और स्पीति जिलों के 20 वीएफडी में एमएपी के संरक्षण और सतत प्रबंधन में विभिन्न एनटीएफपी और औषधीय और सुगंधित पौधों और खतरों की स्थिति के वर्तमान और संभावित उत्पादन की तैयारी

प्रलेखन

लद्दाख संघ शासित प्रदेश के चांगथांग परिदृश्य के औषधीय पौधों की विविधता का दस्तावेजीकरण.

National Level Seminar

National level Seminar on “Creation of the Seabuckthorn value chain in the Trans-Himalayan region” was organized for further accessing the value chain creation and management through the farmers.

Preparation Peoples’ Biodiversity Register (PBRs)

Prepared Peoples’ Biodiversity Register (PBRs) of 46 Panchayats (BMCs) in Mandi and Kullu district, H.P., and PBRs of 5 blocks of Kullu district and 1 of Kullu district has been developed and submitted to HP State Biodiversity Board, Shimla.

Technology Incubation Centre

Technology Incubation Centre for the processing of Seabuckthorn has been established with all the miner and major equipment’s for its value addition in the Kirting Village of Lahaul & Spiti district, Himachal Pradesh for local stakeholders.

Establishment of Rosehip based enterprise

Rosehip based enterprise has been established in the Kullu Valley of Himachal Pradesh for socioeconomic development of rural women which is running successfully since 2016.

Traditional Knowledges System

Traditional Knowledges system of various ethnic communities of Kullu, Mandi and Lahaul & Spiti district of Himachal Pradesh has been done on bioresource use, soil and land management, water conservation and bioprospecting aspects.

Accessions of RET species

Different accessions of RET species of Arnebia euchroma, Angelica gluaca and Caram carvi has been collected for its further multiplication from high altitude areas of Himachal Pradesh.

Solid Waste Management Model

Community based solid waste management model has been developed in the Institute.

Assessment and Management framework

Environmental assessment and management framework of forest resources in Himachal Pradesh has been developed.

Development of database for Species

Database have been generated for 5199 species (1233 trees, 1061 herbs & 2905 Shrubs) of IHR in in a standard format and web portal with domain name ‘www.ihrplantresorces.org’ has been developed and generated database has been uploaded.

Development of Baseline Information

Development of baseline information of different atmospheric pollutants and long-term data base of meteorological parameters to assess climate change scenario and its impact on apple orchard in Himachal Pradesh

परियोजनाएं

चल रही

Mainstreaming Himalayan Biodiversity for Sustainable Development

Assessment and Valuation of Alpine and Sub-alpine Ecosystems of Himachal Pradesh in Relation to Climate Change

Identification of Elite Planting Material of Selected Temperate Medicinal Plants, Mass Multiplication, Field Demonstration and Post- Harvest Processing

Returning Taxus to the Forests and the People: A Study in Shimla and Kullu Districts of the IHR

Development of Sustainable Rural Livelihood Options Utilizing Locally Available Bio-resources Through Transformative Rural Technologies in the Indian Himalayan Regions of Himachal Pradesh and Sikkim

Ex situ Conservation and Development of Gene Bank of Commercially Important Threatened Medicinal Plants in the High Altitude Areas, Himachal Pradesh

Preparation of Peoples’ Biodiversity Register of Selected Panchayats in Mandi and Kullu District, Himachal Pradesh

Preparation of Peoples’ Biodiversity Register of Kullu District with all Representative Blocks

Conservation and Management of Traditional Beekeeping (Apis cerana) Practices Through Development of Honeybee Based Sustainable Livelihood Chain in Kullu Valley, H.P.

Fostering climate smart communities in the Indian Himalayan Region

Water Security in Himalaya through Spring-Ecosystem Assessment and Management

Aerosols climatology over the northwestern Indian Himalayan region

Gaseous air pollution in the background sites of sprawling urban environment in Himachal Pradesh

Water quality Assessment of existing water sources in the Lower Parbati Basin

Springshed management: A Strategy for Climate Change Adaptation through inventory and Revival of Springs

Microbial Endophytes and Soil Enzymes as Indicators of Climate Resilience with Respect to Himalayan Birch: A Critically Endangered Timber Line Species

Modelling and Forecasting of High Impact Weather Events in the Beas basin, and Designing a Proto-type Advance Warning System for Mitigating their Adverse Impacts

पुरी हुई

Environment Assessment & Management Framework Himachal Pradesh Forests for Prosperity Project

NMSHE Task Force-5: Network Programme on Convergence of Traditional Knowledge Systems for Sustainable Development in the Indian Himalayan Region.

NMSHE Task Force 3: Forest Resources and Plant Diversity

Standardization of post-harvest technology for Wild Rose Hips and promotion as sustainable livelihood option among poor self-help women groups in Kullu Valley, Himachal Pradesh.

Development of Peoples’ Biodiversity Register of Selected Panchayats in Kullu District, Himachal Pradesh (Phase 1)

Monitoring of different atmospheric pollutants, creation of long-term data base of meteorological parameters to assess climate change scenario and its impact on apple orchard

Population Assessment, Standardization of Propagation Protocols and Establishment (ex situ & in situ) of Selected Species as a Part of Biodiversity Conservation Plan under Sainj Hydro-Electric Project in Himachal Pradesh

Anthropogenic impacts and their management options in different ecosystems of the Indian Himalayan Region

Current and Potential Production of Different NTFP and Medicinal and Aromatic Plants and Threats in Conservation and Sustainable Management of Different NTFPs and MAPs in 20 VFDs of Kullu and Lahaul & Spiti Districts

Detailed Assessment of Medicinal and Aromatic Plants Species Including Their Collection, Usage, Demand, Markets, Price Trends and Life Cycle, Focusing on Landscapes in Jammu & Kashmir Under SECURE Himalaya Project

Assessment of floral biodiversity & resource utilization pattern with Special reference to climate change in high altitude wetlands of Arunachal Pradesh of Eastern Himalaya

Community driven solid waste management in Himachal Pradesh: a step towards Swachch Bharat Mission

एचआरसी में चल रही परियोजनाएं

Identification of Elite Planting Material of Selected Temperate Medicinal Plants, Mass Multiplication, Field Demonstration and Post- Harvest Processing

Principal Invigilator   PI: Dr. K.S. Kanwal ; Co-PI:Dr. Kishor Kumar

Duration    2018-2022

Funding Agency    Department of Biotechnology (DBT), New Delhi

Objectives

Result/ Outcomes

Development of Sustainable Rural Livelihood Options Utilizing Locally Available Bio-resources Through Transformative Rural Technologies in the Indian Himalayan Regions of Himachal Pradesh and Sikkim

Principal Invigilator    PI: Dr JK Sahu, IIT, New Delhi , Co PI: Dr Sarla Shashni

Duration   2018-2021

Funding Agency    National Mission of Himalayan Environment, MoEF&CC, GoI.

Objectives

Result/ Outcomes

Ex situ Conservation and Development of Gene Bank of Commercially Important Threatened Medicinal Plants in the High Altitude Areas, Himachal Pradesh

Principal Invigilator    PI: Dr Ashok Singh, IHBT, Palampur, Co PI:Dr Sarla Shashni, Er. RK Singh

Duration    2019-2022

Funding Agency    National Mission of Himalayan Environment, MoEF&CC, GOI.

Objectives

Result/ Outcomes

Preparation of Peoples’ Biodiversity Register of Selected Panchayats in Mandi and Kullu District, Himachal Pradesh

Principal Invigilator    PI: Dr Sarla Shashni

Duration   2019-2021

Funding Agency    Himachal Pradesh State Biodiversity Board, Shimla

Objectives

Result/ Outcomes

Preparation of Peoples’ Biodiversity Register of Kullu District with all Representative Blocks

Principal Invigilator    PI: Dr Sarla Shashni

Duration    2020-2021

Funding Agency    Himachal Pradesh State Biodiversity Board, Shimla

Objectives

Result/ Outcomes

Water Security in Himalaya through Spring-Ecosystem Assessment and Management

Principal Invigilator    PI: Dr. Renu Lata , Co PI: Er. R. K. Singh

Duration   2020-2025

Funding Agency    In-House project (MoEFCC)

Objectives

Result/ Outcomes

Aerosols climatology over the northwestern Indian Himalayan region

Principal Invigilator    PI: Dr. J. C. Kuniyal , Co PI: Dr. Renu Lata

Duration   Long-term Project from 2005-06

Funding Agency    ISRO, SPL, Thiruvanthapuram

Objectives

Result/ Outcomes

Gaseous air pollution in the background sites of sprawling urban environment in Himachal Pradesh

Principal Invigilator    PI: Dr. J. C. Kuniyal , Co PI: Dr. Renu Lata

Duration    Long-term Project from 2008-2009

Funding Agency    ISRO- GBP AT-CTM under Environmental Observatory Scheme

Objectives

Result/ Outcomes

Water quality Assessment of existing water sources in the Lower Parbati Basin

Principal Invigilator    PI:Dr. Renu Lata , Co PI: Dr. J. C. Kuniyal

Duration   2018-2021

Funding Agency    Mountain Division, MoEF&CC, GoI

Objectives

Result/ Outcomes

Springshed management: A Strategy for Climate Change Adaptation through inventory and Revival of Springs

Principal Invigilator    PI:Dr. Renu Lata , Co PI: Er. V. E. Gosavi

Duration   2019-2022

Funding Agency    DEST, Government of Himachal Pradesh

Objectives

Result/ Outcomes

Microbial Endophytes and Soil Enzymes as Indicators of Climate Resilience with Respect to Himalayan Birch: A Critically Endangered Timber Line Species

Principal Invigilator    PI: Dr. Mithilesh Singh , Co PI:Dr. Renu Lata

Duration    2018-2021

Funding Agency    National Mission on Himalayan Studies (NMHS), MoEF&CC, GoI

Objectives

Result/ Outcomes

Modelling and Forecasting of High Impact Weather Events in the Beas basin, and Designing a Proto-type Advance Warning System for Mitigating their Adverse Impacts

Principal Invigilator    PI:Dr. K.C. Gauda , Co PI: Dr. Renu Lata

Duration    2019-2022

Funding Agency    Mission on Himalayan Studies (NMHS), MoEF&CC, GoI

Objectives

Result/ Outcomes

एचआरसी में पूर्ण परियोजनाएं

NMSHE Task Force-5: Network Programme on Convergence of Traditional Knowledge Systems for Sustainable Development in the Indian Himalayan Region.

Principal Invigilator   PI: Dr RC Sundriyal; Co-PI:Sarla Shashni

Duration   2015-2020

Funding Agency    Department of Science and Technology, New Delhi

Objectives

Result/ Outcomes

Standardization of post-harvest technology for Wild Rose Hips and promotion as sustainable livelihood option among poor self-help women groups in Kullu Valley, Himachal Pradesh.

Principal Invigilator   PI: Dr. Sarla Shashni ; Co-PI: Dr. SS Samant

Duration   2016-2020

Funding Agency    Department of Science and Technology, New Delhi

Objectives

Result/ Outcomes

Development of Peoples’ Biodiversity Register of Selected Panchayats in Kullu District, Himachal Pradesh (Phase 1)

Principal Invigilator   PI: Dr. SS Samant and Dr. Sarla Shashni ;

Duration   2017-2020

Funding Agency   Himachal Pradesh State Biodiversity Board, Shimla

Objectives

Result/ Outcomes

Population Assessment, Standardization of Propagation Protocols and Establishment (ex situ & in situ) of Selected Species as a Part of Biodiversity Conservation Plan under Sainj Hydro-Electric Project in Himachal Pradesh

Principal Invigilator   PI:Dr. Renu Lata ; Co-PI: Dr. Sarla Shashni and Dr. Kishor Kumar

Duration   2014-2020

Funding Agency   : Himachal Pradesh Power Corporation Limited (HPPCL)

Objectives

Result/ Outcomes

Anthropogenic impacts and their management options in different ecosystems of the Indian Himalayan Region

Principal Invigilator   PI:Dr. J. C. Kuniyal ; Co-PI: Dr. Renu Lata

Duration   2016-2020

Funding Agency    National Mission on Himalayan Studies (NMHS)

Objectives

Result/ Outcomes

Detailed Assessment of Medicinal and Aromatic Plants Species Including Their Collection, Usage, Demand, Markets, Price Trends and Life Cycle, Focusing on Landscapes in Jammu & Kashmir Under SECURE Himalaya Project

Principal Invigilator   PI: Dr. I.D. Bhatt; Co-PI: Dr. K.S. Kanwal

Duration    2018-2020

Funding Agency    UNDP, New Delhi

Objectives

Result/ Outcomes

Assessment of floral biodiversity & resource utilization pattern with Special reference to climate change in high altitude wetlands of Arunachal Pradesh of Eastern Himalaya

Principal Invigilator   PI: Dr. K.S. Kanwal; Co-PI: Er. M.S. Lodhi

Duration   2016-2020

Funding Agency    SERB, DST, New Delhi

Objectives

Result/ Outcomes

Community driven solid waste management in Himachal Pradesh: a step towards Swachch Bharat Mission

Principal Invigilator   PI: Dr. SS Samant, Er. RK Singh; Co-PI: Dr. JC Kuniyal, Dr KS Kanwal, Dr Sarla Shashni, Dr Renu Lata, Er. Vaibhav Gosavi

Duration    2017-2020

Funding Agency   In-house, MoEF&CC, Govt of India

Objectives

Result/ Outcomes

शोध लेख

Meconopsis merakensis var. merakensis (Papaveraceae), a new record for India

Authors Kanwal KS, Tiwari, UL, Lodhi, MS, Rawal, RS

Rheedea (Journal of the Indian Association of Angiosperm taxonomy), 2020

Diversity and distribution of the genus Meconopsis Vig. (Papaveraceae) in the Indian Himalayan region

Author Kanwal KS

Pleione (Journal of the East Himalayan Society for Spermatophyte Taxonomy), 2020

Gentiana urnula Harry Sm. (Gentianaceae), a new record for the flora of Arunachal Pradesh, India


Authors Kanwal KS, Tiwari, UL, Yama L, Lodhi, MS


Journal of Threatened Taxa, 2019

Extended distribution record of two bellflower species of Codonopsis (Campanulaceae) from the Indian state of Arunachal Pradesh

Authors Kanwal KS, Tiwari, UL, Yama L, Lodhi, MS

Journal of Threatened Taxa, 2019

Strategic environmental assessment

Authors Kuniyal JC, Shashni S, Kumar A, Kanwar N, Chand B, Sundriyal RC and Dhyani PP

Current Science, 2015

Traditional uses and potential to develop an enterprise of wild rose species Rosa brunonii syn R. moschata in Kullu district of North Western Himalaya.

Authors Shashni S, Sharma S, Rathore S, Samant SS and Sundriyal, RC

Journal of Non Timber Forest Products, 2017

Assessment of ecotourism activities and its future potential in Corbett tiger reserve, India

Authors Shashni S and Sundriyal RC

International Journal of Environmental Science, 2017

Aerosols, radioactive forcing and temperature in the foothills of Rohtang pass in the Northwestn Indian Himalaya

Authors Sharma G, Kuniyal JC, Ram N, Lata R. and Shashni S.

Research Expo International, 2017

Assessment of particulate matter in the ecotourism site or ecozone area of Great Himalayan National Park


Authors Shashni S, Kuniyal JC, Ram N, Sharma G and Julka JM


Global Academic Research Journal, 2018

Indigenous uses of wild hemp (Cannabis sativa) by the local inhabitants in Manikaran Valley of Himachal Pradesh, North Western Himalaya.

Authors Rathore S, Shashni S, Samant SS and Sundriyal RC

Journal of Non Timber Forest Produce, 2018

Assessment of environmental, social and economic impacts of ecotourism and related activities in the Tirthan Valley, Great Himalayan National Park: a world heritage site in Northwestern Himalaya

Authors Shashni S, Kuniyal JC, Sood S and Julka JM

Ecology, Environment and Conservation, 2018

Ethnobotanical study on medicinal plants used by the tribal people of Lahaul and Spiti district, Himachal Pradesh, North Western Himalaya

Authors Rathore S, Shashni S, Sharma A and Sundriyal RC

Indian Forester, 2019

Ethnomedicinal plants used for curing various gynocological problems in north western Himalayan district of Kullu

Authors Rathore S, Shashni S, Sharma A and Sundriyal RC

Journal of Non Timber Forest Produces, 2019

Identification and documentation of the plant species used as daantun (Tooth brushing stick) by rural communities in Kullu district, Himachal Pradesh.

Authors Rathore S. and Shashni S

International Journal of Ayurvedic and Herbal Medicines, 2020

Pottery: a unique craft in inner Siraj valley of Northwestern Himalayan district of Kullu, Himachal Pradesh.

Authors Rathore S, Thakur U. and Shashni S

International Journal of Advance Research, 2020

Phytochemical constituents, distribution and traditional usages of Arnebia euchroma: A review

Authors Kumar A, Shashni S, Kumar P, Pant D, Singh A, Verma RK

Journal of Ethnopharmacology, 2021

Socio-economic Vulnerability and Environmental Implications of Major Hydropower Projects in District Kinnaur, Himachal Pradesh, India.

Authors Lata R, Rishi MS. Herojeet R, Dolma K

International Journal of Earth Sciences and Engineering, 2017

Participatory Tourism: An Inclusive Developmental Approach Encompassing All Stakeholders, in Leh District, India.

Authors Dolma K, Rishi M S, Lata, R, Herojeet R

Interdisciplinary Research for Sustainable Development, 2017

Quality characterization and pollution source identification of surface water using multivariate statistical techniques, Nalagarh Valley, Himachal Pradesh, India.

Authors Herojeet R, Rishi MS., Lata R, Dolma, K

Applied Water Science, 2017

Environmental and Social Impact Assessment: A Study of Hydroelectric Power Projects in Satluj Basin in District Kinnaur, Himachal Pradesh, India.

Authors Lata R, Rishi MS. Herojeet R, Dolma K

International Journal of Earth Sciences and Engineering, 2017

Evaluation of Air quality around Sorang Hydropower Project in Kinnaur district, north- western Himalaya

Authors Lata R, Kuniyal JC, Kanwar N, Chand B, Sharma G, Chaudhary S

Research Expo International Multidisciplinary Research Journal, 2018

Hydropower Projects and Air Pollution in the Northwestern Indian Himalaya

Authors Lata R, Rishi MS. Herojeet R, Dolma K

Ecology, Environment and Conservation, 2018

Practices and challenges of municipal solid waste management in north westerm indian himalayan region: a review

Authors Lata R, Dolma K

Ecology, Environment and Conservation, 2019

Hydrogeochemical characterization of groundwater in alluvial plains of river Yamuna in northern India: An insight of controlling processes

Authors Kaur L, Rishi M S, Sharma S, Sharma B, Lata R, Singh G

Journal of King Saud University – Science, 2019

State of groundwater resource: relationship between its depth and sewage contamination in Leh town of Union territory of Ladakh

Authors Dolma K, Rishi, MS, Lata R

Applied water sciences, 2020

Major Ion Chemistry and Water Quality Index for Surface Water Quality Characterization in parts of Kinnaur District, Himachal Pradesh, India

Authors Lata R, Rishi MS, Dolma K, Herojeet R, Kaur L

Environment and Ecology, 2020

Assessment of Status and Practices of Solid Waste Management in Chamba Town, Himachal Pradesh, India

Authors Bajala V, Lata R, Singh RK, Kanwal KS, Shashni S, Kumar K, Thakur S

Environment and Ecology, 2020

Strategic environmental assessment of hydropower projects

Authors Kuniyal JC, Lata R, Kumar A, Chand B, Kanwar N, Chaudhary S, Kumar K, Dhyani PP

Current Science, 2017

गतिविधियां

Training

मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ( 6th Apr 2021 -7th Apr 2021)


नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत 'संरक्षण और प्रबंधन पारंपरिक मधुमक्खी पालन (एपिस सेराना) प्रथाओं के विकास के माध्यम से कुल्लू घाटी, हिमाचल प्रदेश राज्य में सतत आजीविका श्रृंखला के विकास के तहत' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मधुमक्खी पालन के प्रशिक्षण के लिए तीर्थन घाटी के तुंग पंचायत के 30 संभावित मधुमक्खी पालकों का चयन किया गया जिसमें मधुमक्खी पालन की मूल बातें, क्या करें और क्या न करें, झुंड, आजीविका के पहलू, परागण आदि शामिल हैं।

1st Youth Forum

"हिमालयी पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और भारतीय हिमालयी क्षेत्र के सतत विकास" पर पहला युवा मंच ( 18th Mar 2021)


इस कार्यशाला में विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक प्रतिभागियों और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने भाग लिया।

Seminar

ट्रांस हिमालय में सीबकथॉर्न वैल्यू चेन के निर्माण पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ( 5th Mar 2021)


जीबीपी 'एनआईएचई', एचआरसी, मोहल, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश द्वारा "ट्रांस हिमालय में सीबकथॉर्न वैल्यू चेन का निर्माण" पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी / वेबिनार का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), शिमला और राष्ट्रीय हिमालय अध्ययन मिशन (एनएमएचएस), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था

Training

आजीविका विकास के लिए उच्च मूल्य के औषधीय पौधों की खेती, कटाई के बाद प्रबंधन और विपणन पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ( 28th Feb 2021 -2nd Mar 2021)


प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 15 प्रगतिशील किसानों/औषधीय पौधों की खेती करने वालों ने भाग लिया। संस्थान के वैज्ञानिक, औषधीय पौधे बोर्ड, डाबर इंडिया प्रा. लिमिटेड और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने व्याख्यान दिया और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया

Workshop

हिमाचल प्रदेश राज्य में हिमालयन नॉलेज नेटवर्क (HKN) की स्थापना के लिए नेटवर्क विकास और सिनर्जी बिल्डिंग पर राज्य स्तरीय कार्यशाला ( 25th Sep 2020)


वर्चुअल मोड के माध्यम से "हिमाचल प्रदेश राज्य में हिमालयी ज्ञान नेटवर्क (एचकेएन) की स्थापना के लिए नेटवर्क विकास और सिनर्जी बिल्डिंग" पर राज्य स्तरीय कार्यशाला "हिमालयन कॉलिंग: ब्रिजिंग साइंस, पॉलिसी एंड प्रैक्टिस टू फोस्टर सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन द इंडियन हिमालय क्षेत्र"" प्रोजेक्ट के तहत आयोजित की गई थी।

Training

मधुमक्खी पालन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम: आजीविका का एक प्रमुख विकल्प ( 10th Feb 2020 -11th Feb 2020)


जेंडर बजटिंग कार्यक्रम के तहत कुल्लू जिले की महिलाओं के लिए जेंडर बजटिंग के तहत एक प्रमुख आजीविका विकल्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल्लू घाटी के विभिन्न पंचायतों और महिला मंडलों की महिलाएं शामिल थीं। बंड्रोल और दीनदयाल मधुमक्खी फार्म, कुल्लू में ब्रबी प्रोडक्ट्स में प्रतिभागियों के लिए प्रदर्शन और प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।

Certification Course

सस्टेनेबल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर सर्टिफिकेट कोर्स: ग्रीन स्किल बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत कचरे को संसाधनों में बदलना ( 3rd Feb 2020 -17th Feb 2020)


इस सर्टिफिकेट कोर्स ने स्थायी कचरा प्रबंधन में प्रतिभागियों के कौशल को बढ़ाया है और विभिन्न तकनीकों के माध्यम से ठोस कचरे को संसाधन में बदलने के लिए उपयुक्त विकल्प भी प्रदान किए हैं

Training

कुल्लू घाटी में महिलाओं के बीच समुदाय आधारित ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ( 27th Jan 2020 -30th Jan 2020)


चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, एचपी के इकोटूरिज्म प्लानर श्री अंकित सूद, एचपी के सांस्कृतिक विशेषज्ञ श्री ज्ञान चंद चम्ब्याल और श्री अदिता, सनशाइन एडवेंचर्स आदि जैसे विषय विशेषज्ञों द्वारा समुदाय आधारित इकोटूरिज्म के विभिन्न पहलुओं पर 12 व्याख्यान दिए गए। क्षेत्र के कुछ सफल इकोटूरिज्म मॉडल को देखने के लिए क्षेत्र का दौरा भी शामिल है।

Brainstorming-cum-Workshop

हिमालय में हिम तेंदुए के आवासों के संरक्षण के लिए औषधीय और सुगंधित पौधे (एमएपी) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय विचार-मंथन-सह-कार्यशाला ( 14th Oct 2019 -15th Oct 2019)


20 संगठनों (GBPNIHE, LAHDC, NCF, DIHAR, Hort. Dept, MAP कल्टीवेटर, डाबर, LEDG, WWF, NRISR, वन विभाग, LEHO, UNDP, SKUAST, Amchi, CIBS, EJM लद्दाख ऑर्गेनिक फार्मिंग) के कुल 62 प्रतिभागी कार्यशाला में भाग लिया।

संपर्क करें

इं. राकेश कुमार सिंह क्षेत्रीय केंद्र प्रमुख हिमाचल क्षेत्रीय केंद्र जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान
महल, कुल्लू - 175126, हिमाचल प्रदेश, भारत

(01902) 225329
फैक्स: (01902) 222720

hpunit@gbpihed.nic.in    rksingh@gbpihed.nic.in
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